तारीफ़ वक्त की मोहताज नहीं होती

सोनू राणा (राज़)
न सामने होती, न राज़ होती
न सामने होती,न राज़ होती
होनी तो चाहिए….पीठ पीछे,
पर….!
तारीफ़ वक्त की मोहताज नहीं होती
आप सब के समक्ष….कुछ… लफ्ज़ रखना चाहूंगी-2,
प्रिंसीपल सर हैं कैसे उन्हीं के सामने बताऊंगी,
आए थे बीच…. जब हमारे
आए थे बीच…. जब हमारे
होंगे खड़ूस….! सोचते थे सारे…!
पर उन्होंने दिखाया सोच अंदाज़ नहीं होती,
होनी तो चाहिए….पीठ पीछे,
पर…!
तारीफ़ वक्त की मोहताज नहीं होती
भोले हैं वो, मस्त-मौले हैं वो,
भोले हैं वो, मस्त-मौले हैं वो,
आपका साथ हमें हर पल याद आएगा
चिंता किस बात की सब हो जाएगा
पर शराफ़त…. राज़ नहीं होती
होनी तो चाहिए….पीठ पीछे,
पर…!
तारीफ़ वक्त की मोहताज नहीं होती
सोनू राणा (राज़)
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